E-Commerce क्या है और भारत में कैसे हुई E-Commerce की शुरुआत – पूरी जानकरी

E-Commerce क्या है और भारत में कैसे हुई E-Commerce की शुरुआत - पूरी जानकरी

E-Commerce क्या है – आज दुनिया में अगर कोई ऐसा बिज़नस मॉडल है जो सबसे ज्यादा Profitable है| तो वो है E-Commerce | जिसके बारे में आज हम इस पोस्ट में बहुत ही विस्तार से बात करेंगे |

“E-Commerce” ये शब्द आपने सुना तो जरुर ही होगा और आपमें से अधिकतर लोग जो खासकर city में रहते हैं Online shopping तो करते ही होंगे, काफी सारे E-Commerce वेबसाइट से जैसे –Amazon.in ,Flipkart, Myntra और Jabong आदि |

हम में से अधिकतर लोग E-commerce वेबसाइट से Online shopping करना तो जानते हैं | लेकिन E-commerce क्या है,कैसे काम करता है और क्या हम भी इसके जरिये कंपनी के साथ जुड़कर पैसे कमा सकते हैं ये सब आज हम इस पोस्ट के जरिये जानेंगे |

अगर हम भारत में ही नही बल्कि पूरी दुनिया में आज देखते हैं की ऐसा कौनसा बिज़नस है जो बहुत ज्यादा profitable हैं तो E-Commerce बिज़नस आपको टॉप लिस्ट में मिलेगा |

अब आपने Alibaba,Amazon,Flipkart और Ebay आदि इन सब के बारे में सुना तो जरुर होगा और आपको ये भी जरुर पता होगा की ये सब कंपनी कितने बड़ी कंपनियां हैं , तो ये सब E-Commerce बिज़नस ही करते हैं |

E-Commerce industry का सबसे बड़ा फायदा अगर में देखता हूँ तो मुझे लगता है ,इस बिज़नस में कंपनी के साथ जुड़कर आप और हम जैसे आम लोग भी अच्छा-खासा पैसा कमा सकते हैं वो कैसे? ये मै आपको इस पोस्ट में आगे बताने वाला हूँ |

तो आज के इस बहुत ही खास पोस्ट में, मै आपको E-Commerce के बारे पूरी जानकारी देने वाला हूँ

E-Commerce क्या है

जैसा की नाम से ही clear हो रहा है E-Commerce जिसे की हम E-Business भी कहते हैं |

E-Commerce क्या है

मतलब बिज़नस या व्यापार का ऐसा तरीका जिसे हम ऑनलाइन के जरिये करते हैं उसे E-commerce कहा जाता है |

सरल शब्दों में समझे तो, जब किसी भी प्रोडक्ट का लेन-देन इन्टरनेट के जरिये होता है तो वो E-commerce होता है |

आपने देखा ही होगा की बहुत सारी ऑनलाइन प्लेटफार्म जैसे –Amazon,Flipkart,Paytm आदि अपने प्रोडक्ट या सर्विस को ऑनलाइन अपने कस्टमर्स को provide करते हैं |

For Example –अगर कस्टमर को कोई कपड़े या इलेक्ट्रॉनिक से रिलेटेड वस्तु खरीदना है तो वो इन्टरनेट पर जाकर इन सभी चीजों को सर्च करता है, और उन्हें search engine में ये सभी E-commerce वेबसाइट के लिंक मिलते हैं | जहाँ से कस्टमर अपनी प्रोडक्ट को आर्डर करता है और कंपनी उन्हें उनके बताये गये जगह पर प्रोडक्ट डिलीवर कर देते हैं |

इसके अलावा E-commerce बिज़नस में बहुत सारे seller भी जुड़े होते हैं जो इन ऑनलाइन प्लेटफार्म से अपने प्रोडक्ट को लिस्ट करके sell करते हैं और profit लेते हैं |

और अब ऑनलाइन से आप न सिर्फ प्रोडक्ट खरीद सकते हो बल्कि मेट्रो का रिचार्ज,बिजली का बिल , खाने का सामान या फिर ट्रांसपोर्ट facility भी अब आप ऑनलाइन बुक कर सकते हो | तो ये सब E-Commerce या E-business का ही example है |

हालाँकि कुछ E-Commerce बिज़नस B2B भी होते हैं जैसे Indiamart और Alibaba |

मतलब की ये ऑनलाइन वेबसाइट पर जो प्रोडक्ट होते हैं उनको कोई कस्टमर नही बल्कि बिज़नस वाले लोग ही अपने बिज़नस के इस्तेमाल के लिए खरीदते हैं |

आज भारत में लगभग 650 मिलियन लोग ऑनलाइन shopping करते हैं | जबकि 2020 तक भारत में E-commerce बिज़नस से 120 बिलियन US डॉलर का revenue generate होने का अनुमान है | जिसके बाद भारत E-Commerce में पूरी दुनिया से सबसे अधिक तेजी से विकास करने वाला देश बन जायेगा | यही वजह है की अब दुनिया की सभी बड़ी E-Commerce कंपनी जैसे Amazon,अलीबाबा और Walmart भारत में आकर अपना बिज़नस बढ़ा रही हैं |

E-commerce का इतिहास

E-commerce बिज़नस की शुरुआत कैसे हुई अगर हम इसकी बात करें तो –

1969 :CompuServe, सबसे पहली E-commerce कंपनी Dr John R. Goltz and Jeffrey Wilkins ने Dial-up connection के जरिये बनाई थी |

1979: इलेक्ट्रॉनिक तरीके से खरीदारी इसी साल शुरू हुई थी जब माइकल एल्ड्रिक ने कंप्यूटर को एक टेलीफ़ोन से कनेक्ट करके एक संसोधित टीवी से जोड़ दिया था | ये basically इसलिए किया गया था की लोगों के पास डेटा safely पहुँच पाये |

1995 : दुनिया में E-commerce बिज़नस के उदय के लिहाज़ से ये साल बहुत ही सुनहरा था क्योंकि इसी साल Amazon और E-bay लांच हुए थे जो की आज दुनिया के top E-commerce कंपनी हैं | अमेज़न की शुरुआत जहाँ Jeff Bezos ने की थी तो वहीँ E-bay को Pierre Omidyar ने लांच किया था |

और इन दोनों के E-Commerce बिज़नस को स्टार्ट करने के पीछे यही कारण था की इन दोनों ने ये भांप लिया था की आने वाला समय कंप्यूटर और इन्टरनेट का ही है | और लोग इसे बहुत जल्दी adapt भी कर रहे हैं और क्यों न करें ?जब कोई ऐसी सुचना जो आपको चाहिए या फिर कोई सामान जो आपको बिना कही जाये आपके जगह पर ही मिल जाये वो भी किसी भी समय तो, कोई क्यों न ऐसा करना चाहेगा |

1998 : ये साल भी E-Commerce के लिहाज से बहुत बड़ा साल था क्योंकि इससे पहले लोग जब ऑनलाइन सामान की खरीदारी करते थे तो उनको पेमेंट चेक द्वारा या फिर cash करनी पडती थी लेकिन इस साल लांच हुआ paypal जिससे अब आप ऑनलाइन भी पेमेंट कर सकते थे |

2000 : इस साल फिर गूगल ने अपना ही एक नया प्रोडक्ट Google Adwords को लांच किया जिसकी मदद से कंपनी अपने प्रोडक्ट को आसानी से प्रमोट कर सकते थे | जिससे E-commerce बिज़नस और ज्यादा तेज़ी से फैलने लगा |

इस तरीके से जैसे-जैसे इन्टरनेट का विस्तार दुनिया में हुआ, तो उतनी ही तेज़ी से E-commerce बिज़नस भी आगे बढ़ता चला गया और आज E-commerce बिज़नस दुनिया के टॉप बिज़नस इंडस्ट्री में से एक बन चूका है |

E-commerce बिज़नस कितने प्रकार के होते हैं

अभी तक हमने इस पोस्ट में E-commrece क्या है और E-commerce का इतिहास क्या है इसके बारे में जाना अब हम जानने वाले हैं की E-Commerce बिज़नस कितने प्रकार के होते हैं |

अगर हम बात करते हैं E-commerce बिज़नस कितने प्रकार का होता है तो हमे 3 mainly types देखने को मिलते हैं –

1st – B2C (Business to Consumer)

इस तरीके के बिज़नस में क्या होता है की एक बिज़नस वर्ग होता है जो अपना प्रोडक्ट ऑनलाइन वेबसाइट के जरिये consumer यानि आप और हम जैसे लोगों को बेचता है |

2nd- B2B (Business to Business)

इस तरीके के बिज़नस में एक बिज़नस वर्ग अपना प्रोडक्ट किसी दुसरे बिज़नस वर्ग को ही sell करता है और अगर हम ऑनलाइन E-Commerce के लिहाज से इस बिज़नस का example देखें तो अलीबाबा,Indiamart ,और इसके अलावा भी आपने बहुत सारी ऑनलाइन image स्टॉक कंपनी की वेबसाइट भी देखी ही होंगी जैसे Shutterstock ,ImageBazar ये सभी एक तरीके का B2B बिज़नस ही करती हैं |

3rd – C2B (Consumer to Business)

इस तरीके के बिज़नस में आप और हम जैसे लोग किसी थर्ड पार्टी के जरिये अपना किसी भी प्रोडक्ट को बेच सकते हैं | अगर मै आपको E-commerce बिज़नस में इसका example बताऊ तो वो है की | जितनी भी मार्केटप्लेस E-Commerce वेबसाइट हैं मतलब की जो अपना खुद का प्रोडक्ट नही बल्कि आप और हम जैसे small सेलर के प्रोडक्ट को अपने वेबसाइट पर लगाते हैं |

और फिर जब हमारा प्रोडक्ट उनके वेबसाइट के जरिये sell हो जाता है तो अपना कुछ कमीशन रखकर हमारा पैसा हमे दे देते हैं |

और आपको बताऊ की जितनी भी बड़ी -बड़ी E-Commerce बिज़नस वेबसाइट आज हैं वो इसी तरीके के बिज़नस मॉडल पर काम कर रही हैं |

E-Commerce Business काम कैसे करता है

हम सारे लोग E-Commerce के बारे में ये तो जानते हैं की ऑनलाइन वेबसाइट के जरिये कपड़े,मोबाइल या कोई भी सामान को आर्डर किया और कुछ समय बाद वो हमारे घर पर पहुच जाता है | या फिर हमे जैसे मोबाइल रिचार्ज,बिजली,गैस का बिल ऑनलाइन भरना हो या रेलवे,फ्लाइट का टिकट ऑनलाइन भरना हो |

लेकिन ये सभी E-commerce बिज़नस काम कैसे करती हैं इसके बारे में काफी कम लोग या वही लोग जानते हैं जो इस तरीके के बिज़नस से जुड़े हैं |

अब जरुर आप ये भी सोच रहे होंगे की ये E-commerce बिज़नस काम कैसे करता है इसके बारे में जानकर हमे क्या फायदा होगा | होगा आपको ही फायदा होगा क्योंकि E-Commerce बिज़नस एक ऐसा बिज़नस हैं जहाँ आपका investment ज्यादा नही है लेकिन प्रॉफिट अनगिनत है |

इसलिए इसके प्रोसेस को जानना आपके लिए बहुत जरुरी है क्योंकि अगर आप E-commerce बिज़नस में काम कैसे होता है ये जान गये तो आप भी अपना खुद का ऑनलाइन वेबसाइट या store बनाने के बारे में सोच सकते हैं |

तो अब मैं आपको कुछ stage के जरिये समझाता हूँ की आखिर E-Commerce बिज़नस काम कैसे करता है |

#1- Order Receive करना

ये सबसे पहला स्टेप होता है जब कोई यूजर या ग्राहक सर्च इंजन जैसे गूगल ,फेसबुक या मोबाइल app के जरिये आपके ऑनलाइन प्लेटफार्म यानि आपके वेबसाइट पर आता है और उसे जब कोई आपका प्रोडक्ट पसंद आता है तो वो उसे आर्डर करता है जिसके बारे आप में से बहुत लोग जानते ही होंगे क्योंकि sure की आपने भी बहुत बार ऑनलाइन shopping जरुर की होगी |

#2- Processing Order इनफार्मेशन

अब क्या होता है की जब कोई भी यूजर किसी e-commerce वेबसाइट पर कोई प्रोडक्ट को आर्डर करता है तो ज्यादातर जो E-commerce बिज़नस होते हैं वो एक marketplace होते हैं यानि की इनका अपना खुद का कोई प्रोडक्ट नही होता बल्कि कोई और seller होते हैं जो अपना प्रोडक्ट इन सभी की वेबसाइट के जरिये बेचते हैं |

इसलिए जब भी कोई यूजर इन वेबसाइट पर जाकर प्रोडक्ट आर्डर करता है | इनका सबसे पहले काम होता है की उस प्रोडक्ट के seller को सबसे पहले इसके बारे में जानकरी दी जाये ताकि वो अपना प्रोडक्ट को ready रखें |

प्रोडक्ट के बारे में पूरी इनफार्मेशन यूजर या ग्राहक को देने के बाद प्रोडक्ट अब रेडी है shipping के लिए |

#3- Shipping

last स्टेप E-commerce में होता है Shipping मतलब की जो प्रोडक्ट यूजर ने आर्डर किया है उसे उनके बताये गये address तक बिलकुल सही समय में डिलीवर किया जा सके जिसमे लोजिस्टिक्स का बहुत ही अहम रोल होता है |

E-Commerce बिज़नस के फायदे और नुकसान

हालाँकि E-Commerce बिज़नस का कोई नुकसान है, ऐसा मै नही समझता लेकिन हाँ जरुर कुछ challenges जरुर हैं जिनको लेकर इस इंडस्ट्री में काम करने की जरुरत है |

तो पहले बात करते हैं E-commerce बिज़नस का क्या-क्या फायदे हैं –

फायदे

1- सबसे पहली बात जो मुझे लगती है की E-Commerce बिज़नस करने में फायदेमंद है की आपका अपना प्रोडक्ट कही भी दिखा सकते हो और कभी भी | क्योंकि जहाँ -जहाँ दुनिया में इन्टरनेट का प्रयोग होगा आपकी वेबसाइट वहां -वहां लोग देख सकते हैं |

2- आप अगर रात के 2 बजे सोये भी हुए लेकिन आप तब भी अपने वेबसाइट के जरिये पैसा earn कर सकते हो क्योंकि दुनिया में कोई भी उस समय आपकी वेबसाइट पर आकर आपके प्रोडक्ट को आर्डर कर सकता है |

3- E-commerce बिज़नस में ग्राहक आपकी वेबसाइट पर आकर कई सारे प्रोडक्ट की फोटो को आसानी से देख सकता है फिर जो उसे पसंद हो वो आर्डर कर सकता है |

4- जब आप E-commerce वेबसाइट बनाते हो और अपने केटेगरी से रिलेटेड प्रोडक्ट वहां पर लाइव करते हो तो आपके पास बहुत सारे ऐसे आप्शन ऑनलाइन होते हैं जिससे आप टार्गेटेड मतलब उन लोगों को अपना प्रोडक्ट दिखा सकते हो जो आपके प्रोडक्ट के बारे में already इन्टरनेट पर सर्च करते हैं |

आप google पर paid advertisement (PPC) चला सकते हो या फिर फेसबुक पर भी Ads campaign चला सकते हो |

5 – E-commerce हर रोज new कस्टमर्स मिलने के chances बहुत ज्यादा रहती है क्योंकि आपकी एक ऑनलाइन वेबसाइट है जो गूगल के सर्च इंजन में रैंक करती है और अनिगिनत लोग हर रोज गूगल पर कुछ न कुछ सर्च करते हैं इसलिए कोई भी new कस्टमर्स आपके वेबसाइट पर विजिट कर सकता है सर्च इंजन की हेल्प से |

6- Low cost, E-Commerce बिज़नस का सबसे बेहतरीन advantage है क्योंकि आप इसमे ऑनलाइन तरीके से प्रमोशन करते हो जिसमे काफी कम खर्चा आता है लेकिन लोग आप तक काफी ज्यादा पहुचते हैं | इसके अलावा भी पेमेंट और बाकि फिजिकल वर्क इस E-commerce बिज़नस में नही होता |

7- E-Commerce बिज़नस के जरिये आप किसी भी बड़ी ब्रांड को जो आपके niche का है उसे beat कर सकते हो अगर आपकी ऑनलाइन मार्केटिंग टीम काफी अच्छी हो तो |और आप डाटा को सही से कैप्चर कर सके और फिर उसे सही तरीके से implement भी कर पाए तो |

नुकसान

1- E-Commerce बिज़नस का सबसे बड़ा नुकसान तो यही है की आपका पूरा बिज़नस एक वेबसाइट पर टिका है इसलिए अगर कभी वेबसाइट में कोई issue आ गया और आपकी वेबसाइट प्रॉपर तरीके से काम न करे तो बहुत बड़ी प्रॉब्लम जरुर अ सकती है |

2- काफी सारे लोग आज ही खासकर भारत में ऑनलाइन शौपिंग को लेकर भयभीत रहते हैं की कहीं प्रोडक्ट खराब न निकले इसलिए वो खुद शॉप पर जाकर समान को टच करके ही लेना ही पसंद करते हैं या फिर काफी सारे लोगों को ऑनलाइन शौपिंग कैसे करते हैं इसकी process के बारे में जानकारी नही होती | तो ये भी एक बड़ा drawback है E-Commerce बिज़नस का फ़िलहाल |

3- Shipping ये भी मुझे एक बड़ा नुकसान लगता है E-Commerce बिज़नस का वो है की सही समय पर कस्टमर तक प्रोडक्ट का न पहुंचना जिससे आपका कस्टमर आपसे छुट सकता है क्योंकि प्रोडक्ट की जो डिलीवरी कस्टमर तक होता है वो फिजिकल तरीके से ही होता है तो उसमे काफी सारी दिक्कत आती है जिससे कई बार सही टाइम तक कस्टमर के पास प्रोडक्ट नही पहुच पाता है |

4- tax भी एक बहुत बड़ा challange है E-commerce बिज़नस में | कई बार क्या होता है की कस्टमर किसी ऐसे एरिया में रहता है जब वो वहां से कोई ऑनलाइन प्रोडक्ट purchase करता है तो उसे काफी सर एक्स्ट्रा tax चार्ज भी pay करा पड़ता है जिससे वो फिर ऑनलाइन शौपिंग से बचते ही हैं ये भी बड़ा नुकसान है E-commerce बिज़नस का |

5- अब क्योंकि e-commerce बिज़नस पुरे तरीके से वेबसाइट पर depend है इसलिए server उका सही से काम करे इस बात की चिंता हमेशा बनी ही रहती है | कस्टमर तक प्रोडक्ट का डाटा सही से visible हो जाये या फिर backend प्रोसेस भी सही से काम करे तो सर्वर भी सही से काम करे ये भी एक बड़ा challenge है E-commerce बिज़नस में |

भारत में E-commerce बिज़नस की शुरुआत कैसे हुई

हालांकि सन 2000 से ही भारत में E-Commerce बिज़नस की शुरुआत हो चुकी थी जब रेल में ऑनलाइन टिकट बुकिंग और फ्लाइट में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा चालू शुरू हुई थी लेकिन असल में अगर किसी प्रोडक्ट को ऑनलाइन खरदीने की बात की जाये तो 2007 में भारत में इसकी शुरुआत हुई |

E-Commerce क्या है और भारत में कैसे हुई E-Commerce की शुरुआत - पूरी जानकरी

जब पहली बार भारत में E-commerce वेबसाइट फ्लिप्कार्ट लांच हुई और इसके बाद जैसे ही और लोगों ने देखा की फिल्प्कार्ट मुनाफा कर रही है तो snapdeal, myntra jabong आदि बहुत सारी E-commerce वेबसाइट भारत में शुरू हो गयी |

हालाँकि 2015- 16 में बहुत सारी E-commerce बिज़नस के लिए भारत में चुनौतीपूर्ण भी रहा है जब काफी कंपनी बंद हुई या फिर उन्हें किसी बड़ी E-commerce बिज़नस के साथ merge होना पड़ा जिसके सबसे बड़ा reason था फंडिंग का न होना |

लेकिन अब 2019 में भी भारत में E-commerce बिज़नस चल रहा है और इसकी future में और grow करने की सम्भावना भी बहुत ज्यादा है |

E-commerce बिज़नस से हम कैसे पैसे कमा सकते हैं

हालाँकि इसमें बिलकुल भी कोई संदेह नही है की E-commerce बिज़नस के आने से रोजगार के अवसर में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है | E -Commerce का बिज़नस करने वाले लोग काफी अच्छी सैलरी पैकेज पर अलग-अलग पदों पर एक्सपर्ट लोगों को नौकरी ही नही देते हैं बल्कि freshers को भी पूरा मौका देते हैं |

अपना खुद का E-commerce वेबसाइट कैसे बनाये वो भी आसानी से जानने के लिए क्लिक करें|

लेकिन इसके अलावा भी आप और हम जैसे लोग E-commerce बिज़नस के जरिये खुद का बिज़नस करके काफी अच्छा पैसा कमा सकते है और वो हैं एफिलिएट मार्केटिंग और Online selling के जरिये |

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Final Words

मुझे पूरी आशा है की मेरे इस पोस्ट के जरिये आपको E-commerce क्या है, कैसे काम करता है इसके क्या-क्या फायदे और नुकसान है इसके बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी |

अगर आपका कोई भी सुझाव या सवाल हमारे इस पोस्ट या फिर हमारे ब्लॉग के बारे में है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते हैं |

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Deepak Bhandari

Hello friends! मै DeepakBhandari.in का फाउंडर हूँ, मुझे डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बिज़नेस से related टॉपिक के बारे मे जानना और साथ ही उस जानकारी को लोगों के साथ शेयर करना काफी अच्छा लगता है | इस ब्लॉग के जरिये मेरी कोशिश है की आप लोग अपने बिज़नेस या करियर को ऑनलाइन grow कर पायें |

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