महिला सशक्तिकरण क्या है (What is Women Empowerment in Hindi )

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Women Empowerment in Hindi : एक ऐसा बिषय जिसके बारे में , मै बहुत समय से सोच रहा था की लिखूं | महिला सशक्तिकरण इन दो शब्दों के मतलब को भारत जैसे देश के परिपेक्ष्य में जानना और भी जरुरी हो जाता है |

और मै समझता हूँ की जब आज लोगों के पास इन्टरनेट की मदद से हर जानकरी बड़ी ही आसानी से पहुच जाती है तो इस बड़े गंभीर बिषय के बारे में भी इन्टरनेट पर एक कम्पलीट जानकरी होना बहुत ही जरुरी है लोगों को ये बताना बहुत जरुरी है की किसी भी समाज के विकास में एक महिला का कितना बड़ा रोल होता है या मै कहूँ की जिस देश की महिला सशक्त होती है तो वो देश पूरी दुनिया में अपनी एक अलग ही पहचान रखता है |

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तो आज के इस बहुत ही खास पोस्ट में, मै आपको महिला सशक्तिकरण क्या है (What is Women Empowerment in Hindi ) के बारे में विस्तार से बताने वाला हूँ और आज के समय में भी भारत के समाज में महिलाओं की क्या स्थिति है इस पर भी हम बात करने वाले हैं |

महिला सशक्तिकरण के ऊपर Target Civil Services JAI HO यूट्यूब चैनल ने एक वीडियो में काफी अच्छे से समझाया है जो मै आपके साथ शेयर भी कर रहा हूँ

लेकिन ये सब कुछ जानने से पहले मै आपके सामने कुछ आकडे पेश करना चाहता हूँ जो दुनिया में महिलाओं की स्थिति और भारत में महिलाओं की स्थिति को आपके सामने स्पष्ट रूप से रख देगा |

1- पूरी दुनिया में 40% से कम देश महिलाओं और पुरषों को समान शिक्षा का दर्जा देते हैं |

2– अगर हम महिलाओं की एजुकेशन की बात भारत में करें तो 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 66% महिलायें साक्षर हैं जो वर्ल्ड के औसत के लगभग 79% से भी नीचे है तो भारत में महिलाओं की शिक्षा आज भी एक प्रशन ही है |

3- महिलाओं की भारत में अगर सुरक्षा की बात की जाये तो वो बहुत ही ज्यादा सोचने वाली है| आये -दिन भारत के किसी न किसी राज्य में महिलाओं को लेकर बलात्कार,छेड़-छाड़ की खबरे भरी रहती हैं |

4- भारत के अधिकतर स्थानों में आज भी महिलाओं को पुरषों के समान नही समझा जाता मतलब की समाज में उनका दर्जा किसी पुरुष के बाद ही आता है | अगर किसी परिवार में लडकी पैदा होती है आज भी तो उसे एक बोझ ही समझा जाता है ये या फिर उस घर का दुर्भाग्य ही समझा जाता है | आज भी भारत के कई राज्यों में दहेज़ प्रथा बड़े जोरों -सोरों से चलती है |

हालाँकि मैं ये बिलकुल भी नही कहूँगा की भारत में आजादी के बाद महिला सशक्तिकरण के ऊपर कोई काम नही हुआ या फिर लोगों की सोच महिला को लेकर बदली नही है | जरुर भारत में भी अब महिलाएं अपने ज़िन्दगी का फैसला खुद लेती हैं कई माँ-बाप ऐसे हैं जो बेटा हो या बेटी दोनों में कोई भी फर्क नही करती हैं |

लेकिन ऐसी महिलाओं की संख्या अभी भी भारत में बहुत ही कम हैं जो अपनी जिंदगी सम्मान से पुरषों के साथ-साथ कंधे से कंधे मिलाकर काम करती हैं |

अब मै आपको नीचे कुछ बिंदु बताऊंगा जिनके ऊपर आज हम इस पोस्ट में विस्तार से बात करेंगे |

1- महिला सशक्तिकरण क्या है |

2- महिलाओं का आर्थिक और समाजिक सशक्तिकरण क्या है |

3- भारत में महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता

4-भारत में महिला सशक्तिकरण में आने वाले बाधाएँ

5- भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की भूमिका

महिला सशक्तिकरण क्या है (What is Women Empowerment in Hindi )

महिला सशक्तिकरण एक आन्दोलन है की महिलाओं को समाज में उनका आदर मिले | उन्हें भी अपनी ज़िन्दगी के फैसले लेने का हक हो | महिलाओं को अभी अपने भविष्य को लेकर निर्णय लेने की आजादी हो |

समाज के सभी मुद्दों पर उनको भी अपने विचार रखने की आज़ादी हो साथ ही हर क्षेत्र में पुरुष के समान ही महिला को भी बराबर के मौके मिले | यही महिला सशक्तिकरण है |

हालाँकि अगर हम देखें तो बात चाहे किसी भी धर्म की आप कर लो हर धर्म में महिला को एक सम्मानित स्थान मिला हुआ है | साथ ही हम सभी जानते ही हैं की बिना स्त्री के एस दुनिया का चल पाना नामुमकिन है | और इसके साथ-साथ समाज में स्त्री को भी अपनी गुणों के अनुसार काम मिलना चाहिए वो भी बिना किसी भेदभाव के ये सारी बातें न सिर्फ हमारे बड़े-बड़े ग्रंथो मे हैं बल्कि हमारे देश के सम्विधान मे भी हैं |

लेकिन बिडम्बना ये है की आज के समय में भी हमारे देश में अधिकतर महिलाओं को सिर्फ घर के चार -दिवारी के अन्दर काम करती हैं क्योंकि आज भी हमारे देश अधिकतर समाज में पुरुष की प्रधानता अधिक है |

और यही कारण है की देश की आज़ादी के इतने समय बाद भी हम महिला सशक्तिकरण की जरुरत समझते हैं | लेकिन ऐसा तो बिलकुल भी नही है की हमारे सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए कुछ नही किया है | काफी सारी योजनायें जरुर चलाई हैं और उनसे काफी सारी महिलाओं को फायदा भी हुआ है लेकिन जब तक हमारी सोच नही बदलेगी महिलाओं को लेकर कोई बहुत बड़ा बदलाव नही आ सकता |

महिलाओं का आर्थिक व् सामाजिक रूप से सशक्तिकरण|

महिला सशक्तिकरण तभी सशक्त रूप से समझा जा सकता है जब महिलाओं को समाज में बराबर का अधिकार मिले सम्मान मिले | इसके अलावा महिलाओं को अपनी जिंदगी में क्या करना है इसका फैसला लेने का भी हक महिला को हो और उन्हें उसके लिए प्रोत्साहन मिले |

मेरा मतलब ये है की जैसे हमारे भारतीय समाज में जितने भी अहम फैसले होते हैं आमतौर पर पुरुष ही लेते हैं और सब उसे मान भी लेते है लेकिन अगर कोई महिला अपनी बात रखनी चाहती है तो उसे गलत समझा जाता है ऐसा नही होना चाहिए जैसे एक पुरुष अपनी बात रख सकता है उसी तरीके से एक महिला भी अपनी बात रख सकती है यही महिलाओं का समाजिक सशक्तिकरण होगा |

साथ ही अगर कोई महिला पढाई के बाद किसी भी क्षेत्र में नौकरी या बिज़नस करना चाहती है तो उसे न सिर्फ उसकी अनुमति होनी चाहिए बल्कि हमे उसका साथ ही भी देना चाहिए यही महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा |

भारत में महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता

आज के समय में भारत में हमे क्यों महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता महसूस होती है उसके कई सारे कारण मौजूद हैं | हालाँकि अगर देखा जाये तो जितना सम्मान महिलाओं को प्राचीन काल में दिया जाता था मध्य काल में आते -आते महिलाओं के सम्मान में गिरावट आ गयी |

1- आज के आधुनिक युग में जहाँ एक तरफ कई महिलाएं देश के कई सम्मानित पदों पर हैं लेकिन ग्रामीण जगहों पर आज भी अधिकतर महिलाएं एक समान्य गृहणी के जीवन जीने के लिए बाध्य हैं उन्हें बुनियादी सुविधाएँ जैसे शिक्षा,स्वास्थ्य भी नही मिल पा रही हैं |

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2- सबसे ज्यादा जरुरत महिला सशक्तिकरण की महिलाओं की सुरक्षा के ऊपर है | आज भारत के बड़े-बड़े राज्यों में भी महिलाएं अकेले जाने से डरती हैं छोटे राज्य और गांवों की तो आप बात ही छोड़ दो | हालाँकि हमारी सरकार ने काफी सारे कानून महिला सुरक्षा के ऊपर जरुर उठाये हैं लेकिन जरुरत उन कानूनों को अमली -जामा पहनाने की है |

3- शिक्षा के क्षेत्र में भी भारत में महिलाओं की स्थिति आज भी बड़ी सोचने वाली है | भारत में जहाँ पुरषों की साक्षरता दर लगभग 82% है तो महिलाओं की मात्र 60% है |

4- हमारे भारत देश में कई राज्य ऐसे है जहाँ कई ऐसी प्रथाएं हैं जो महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखती है और उन्हें समाज में सम्मान से जीने की अनुमति नही देती हैं |

5- सबसे बड़े बदलाव की जरुरत है पुरुषो की महिलाओं को लेकर मानसिकता में | अगर पुरुष ये समझे की हमारे देश का विकास या फिर हमारे समाज के विकास तभी सम्भव है जब हम एक स्त्री को उसका अधिकार दें उनका सम्मान करें और उन्हें भी मौका दें की वो भी अपनी ज़िन्दगी में अपने सपनों को पूरा कर सके |

6- महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता भारत में इसलिए भी है क्योंकि प्राचीन समय में भारत में लैंगिक असमानता थी और पुरष प्रधान समाज था | महिलाओं को सिर्फ समाज ही नही बल्कि अपने परिवार में भी कई कारणों से दबाया जाता था | जहाँ महिलाओं के साथ सिर्फ भेदभाव ही नही बल्कि हिंसा भी होती थी और ये स्थिति भारत में ही नही बल्कि दुसरे देशों में भी देखने को मिलती है |

7- अगर हम चाहते हैं की हमारा देश दुनिया के सबसे अग्रणी देशों में गिना जाये तो हमे महिलाओं को बराबर का हक देना होगा | एक महिला और पुरुष में कोई अंतर नही होना चाहिए दोनों की भागीदारी देश को सम्पन बनाने में बराबर की होनी चाहिए जिसके लिए अभी भारत में महिला सशक्तिकरण की जरुरत है |

भारत में महिला सशक्तिकरण में आने वाले बाधाएँ

भारतीय समाज एक ऐसा समाज रहा हैं जहाँ पूरी परम्परा और रीती रिवाजों को आगे ले जाने का चलन रहा है और और ये सभी रीती रिवाज महिलाओं के खिलाफ ही रहे हैं इसलिए ये सबसे ज्यादा बाधक रहे हैं महिला के सशक्तिकरण में जिनमे से कुछ निम्न्लिखित हैं –

घर से बाहर जाने की अनुमति न होना

भारत के कई समाजों में पूरी रीती -रिवाजों के अनुसार महिलाओं को घर से बहार जाकर काम करना अनुचित समझा जाता है | इसलिए अधिकतर महिलाएं अपना पूरा जीवन घर की चार-दिवारी में ही बिता देती हैं |

पुरुष प्रधान समाज और मानसिकता

भारतीय समाज में अकसर ये देखने को मिलता ही है की पुरुष की प्रधानता समाज में अधिक होती है सारे फैसले लेने का हक पुरुष को ही होता है और पुरुष की मानसिकता आमतौर पर महिलाओं को बराबर समझने की भारतीय समाज में देखने में नही मिलती है |ये कारण भी बहुत बड़ा है की महिला अपने लिए कुछ कर नही पाती क्योंकि उसे मौका ही नही दिया जाता है |

परिवार में भेद-भाव

आमतौर पर आपने देखा ही होगा की बेटी के होने पर जहाँ कोई जशन नही होता तो वहीँ बेटे के होने पर कैसा जशन मनाया जाता है और ये भेदभाव पूरी जिंदगी होता है परिवार में जहाँ लडकियों को सिर्फ घर के कामो तक ही सिमित रखा जाता है क्योंकि उन्हें शादी करके दुसरे के घर जाना है तो वही लडके को पूरी आज़ादी और सपोर्ट मिलता है अपनी भविष्य को सवारने का |

महिला सुरक्षा

ये भी एक बहुत ही बड़ा कारण है की महिला अपने भविष्य को लेकर असमंजश की स्थति में रहती है क्योंकि काम के लिए घर से बाहर तो जाना ही पड़ेगा | लेकिन घर से बाहर जाने के बाद महिलाओं को अपनी सुरक्षा को लेकर हमेशा डर सताता रहता है | किसी बड़े शहर में अकेले रहना किसी भी महिला के काफी मुश्किल हो जाता है |

महिलाएं अपनी सुरक्षा के कारण अपने भविष्य के कई मौकों को त्याग देती हैं जो शायद उनकी जिंदगी बदल सकती थी |

गावों में महिलाओं को बुनियादी सुख-सुविधा भी नही मिलती

हालाँकि अब शहरो में तो महिलाओं की स्थति काफी सुधरी है जैसे -जैसे लोगों में जागरूकता बड़ी है लेकिन भारतीय गावों में आज भी महिलाओं को बुनयादी सुविधा भी नही मिलती | जहाँ एक तरफ शिक्षा जैसे मौलिक अधिकार से भी कई बेटियों को दूर रखा जाता है जिसका कारण है छोटी सोच और पुरानी दकियानुसी परम्परा |

भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की भूमिका

आधुनिक भारत में सरकार ने महिला के सशक्तिकरण के ऊपर काफी-ज्यादा काम किया है और जिसके परिणाम भी आये हैं | जिसके चलते सरकार ने कई योजनाये महिला के सशक्तिकरण के चलाये जिनमे से कुछ की बात हम नीचे करते हैं |

1- बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना

जैसे की देखा जाता था की भारतीय समाज में बेटी के जन्म से पहले गर्भ में उसकी हत्या की जाती थी और इसके साथ-साथ बेटी की पढाई को लेकर भी परिवार ज्यादा गंभीर नही दिखाई देता था और ये स्थिति भारत के कई राज्यों में देखने को मिलती थी ये सब देखकर भारत की सरकार ने एक योजना चलाई बेटी बचाओ बेटी पढाओ |

महिला हेल्पलाइन नम्बर

वैसे तो महिला की सुरक्षा भारत में पहले से ही एक बहुत बड़ा समाजिक मुद्दा रहा है लेकिन विगत कुछ सालों में इसकी और ज्यादा जरुरत महसूस हुई जिसको देखते हए सरकार ने एक महिला हेल्पलाइन नंबर शुरू की 181 जो की 24 घंटे खुली रहती है महिला अपनी कोई भी शिकायत इस नम्बर पर बता सकती है |

महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम (एसटीईपी) का समर्थन

महिला को आर्थिक रूप से सशक्तिकरणकरने के लिए ये योजना चलाई गयी थी | इस योजना का मुख्या उद्देश्य यही है की

महिलाओं के समूहों को रोजगार सृजन के लिए सक्षम बनाना।
महिलाओं के प्रशिक्षण और रोजगार की स्थिति में और सुधार के लिए सहायता प्रदान करना।

इसके अलावा भी भारत सरकार ने महिला सशक्तिकरण के ऊपर काफी सारी योजनायें चलाई जैसे-

स्वाधार पाप योजना

राजीव गांधी राष्ट्रीय क्रेच योजना

प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना

महिला पुलिस स्वयंसेवक

महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए राष्ट्रीय मिशन

गर्ल्स के लिए भारत सरकार की प्रमुख योजनायें

अंतिम शब्द

जिस तरीके से आज भारत पूरी दुनिया में एक नई महाशक्ति के रूप में उभर रहा है आवश्यकता है की हमारे भारत देश की महिलायें भी अब सशक्त हो उन्हें भी हमारे समाज में बराबर का अधिकार मिले जिसके लिए बहुत जरुरी है की हमे अपने पुरानी रुदिवादी विचारधारों और पुरुष प्रधान जैसी मानसिकता से ऊपर उठना होगा |

नरेंद मोदी जी की पावरफुल स्पीच भी मै आपके साथ शेयर कर रहा हूँ जो की उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर दिया है ये वीडियो मैंने Bharatiya Janata Party youtube channel से लिया है

जिस स्त्री के बिना इस धरती की संचालन सम्भव नही तो कैसे कोई देश महिलाओं समाज में बराबर का हक दिए बिना तरक्की कर सकता है | इसलिए अब हमे महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है |

महिलाओं को शिक्षा ,स्वास्थ्य और अपने भविष्य को सवारने का पुरुष के समान ही अवसर और सुविधा मिलनी चाहिए | ऐसा बिलकुल भी नही है जो काम पुरुष कर सकता है कोई महिला नही कर सकती | महिला भी हर वो काम करती हैं और कर सकती हैं जो एक पुरुष करता है बस जरुरत है उन्हें मौका देने की उनका हौसला बढ़ाने की |

दोस्तों मुझे पूरी आशा है की मेरे इस पोस्ट महिला सशक्तिकरण क्या है (What is Women Empowerment in Hindi ) को पढने के बाद आपको अच्छे से महिला सशक्तिकरण के बारे में जान गये होंगे और महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता क्यों हमारे समाज में है ये भी आप समझ गये होंगे |

अगर आपका कोई भी सुझाव या सवाल हमारे इस पोस्ट के बारे में है तो आप हमे कमेंट करके जरुर बताएं |

Deepak Bhandari

Hello friends! मै DeepakBhandari.in का फाउंडर हूँ, मुझे डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बिज़नेस से related टॉपिक के बारे मे जानना और साथ ही उस जानकारी को लोगों के साथ शेयर करना काफी अच्छा लगता है | इस ब्लॉग के जरिये मेरी कोशिश है की आप लोग अपने बिज़नेस या करियर को ऑनलाइन grow कर पायें |

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